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हेल्थ डेस्क. उम्र का 40वां पड़ाव पार होते ही सेहत के मसले सिर उठाने लगते हैं। इस पड़ाव पर पहुंचते ही सबसे पहली हिदायत पोषक तत्वों की पूर्ति करने की दी जाती है। महिलाओं में खासतौर कुछ पोषक तत्वों की पूर्ति होना जरूरी है जैसे कैल्शियम, आयरन और फायबर। जो उम्र के कारण होने वाली परेशानियों से बचाते हैं। फूड एंड न्यूट्रिशन एक्सपर्ट अंशिका सिंह से जानते हैं उम्र के 40वें पड़ाव पर डेली की खुराक में किन चीजों को शामिल किया जाए…

  1. फायबर यानी रेशेयुक्त पदार्थ। ये दिल को मजबूत रखने के साथ बीपी और स्ट्रोक का खतरा घटाते हैं और पेट की बीमारियों से भी दूर रखते हैं। ये दालें, फल और सब्जियों में अधिक पाया जाता है।

    • ऐसे करें पूर्ति: चोकरयुक्त आटे की रोटी, छिलकायुक्त दाल, ओट्स, अलसी, ब्रॉकली।
  2. 40 पार हार्मोंस में परिवर्तन तथा मेटाबॉलिज़्म में धीमापन आता है। इसलिए रेशे और बीटा कैरेटिनॉयड्स रूरी हो जाते हैं। इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर रोगों से बचाते हैं।

    • ऐसे करें पूर्ति: यूं तो लाल, नारंगी, हरी कोई भी सब्ज़ी आहार में ली जा सकती है, पर कद्दू और गाजर में बीटा कैरोटिन अधिक मात्रा में मिलता है।
  3. यह कोशिकाओं में क्षति रोकने के साथ ब्रेस्ट, फेफड़े और यूट्रस कैंसर से बचाता है। लाइकोपीन बढ़ी प्रोस्टेट की प्रगति को कम करने के लिए जाना जाता है। यह दिल के दौरे का खतरा कम करता है। यह उम्र के साथ घटने वाली आंखों की रोशनी को बढ़ाता है।

    • ऐसे करें पूर्ति : पका लाल टमाटर, पपीता और लाल शिमला मिर्च डाइट में जरूर शामिल करें।
  4. ये फैटी एसिड्स मेवों और अखरोट में पाए जाते हैं। दिमाग की कार्यशैली और शरीर की कोशिकाओं के विकास में इनका काफी योगदान है। इनमें मौजूद ओमेगा-3 और 6 फैटी एसिड्स हृदय रोगों से दूर रखते हैं।

    • ऐसे करें पूर्ति : नट्स, बीज, मछली में ये काफी मात्रा में पाए जाते हैं। इन्हें बहुत अधिक मात्रा में न लें।
  5. यह दिमाग की कोशिकाओं के पुनर्निर्माण में मदद करता है जिससे दिमाग की शक्ति बढ़ती है। विटामिन-ई की कमी के कारण संक्रमण, आंखें कमजोर होने और मांसपेशियां कमज़ोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस विटामिन को आहार में शामिल करके भूलने के रोग जैसे डिमेंशिया आदि से बचाव किया जा सकता है।

    • ऐसे करें पूर्ति : बादाम, पालक, मूंगफली और कद्दू के बीज इसका बेहतर स्रोत हैं।
  6. भारतीय महिलाओं में आयरन और कैल्शियम की कमी आमतौर पर पाई ही जाती है। इसलिए 40 की उम्र में आने पर एक बार इन दोनों का टेस्ट ज़रूर करा लें और अपने खानपान में ऐसी चीज़ें शामिल करें, जिनमें कैल्शियम और आयरन की मात्रा अधिक हो। कोशिश करें कि इन्हें प्राकृतिक स्रोतों से ही प्राप्त करें, लेकिन यदि डॉक्टर इनकी गोलियां लेने को कहें तो इनसे भी परहेज़ न करें।

    • ऐसे करें पूर्ति : पनीर, दही, दूध, पालक, चुकंदर इसके स्रोत हैं।
  7. आहार में प्रोटीन लेने से मांसपेशियां, बाल, त्वचा और कनेक्टिव टिशूज़ अच्छे रहते हैं। मछली इसके लिए कमाल का विकल्प होती है। मछली में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड महिलाओं के लिए फ़ायदेमंद है। इसके सेवन से हाइपरटेंशन, अवसाद, जोड़ों में दर्द, गठिया, दिल के रोग और प्रजनन सम्बंधी समस्याओं से बचाव होता है।

    • ऐसे करें पूर्ति : दालें, पनीर और बादाम इसकेअच्छे स्रोत हैं।
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