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हेल्थ डेस्क. आज वर्ल्ड हार्ट डे है। हर साल 29 सितंबर को मनाए जाने वाले विश्व हृदय दिवस का लक्ष्य लोगों को दिल के खतरे के प्रति आगाह करने के साथ लाइफस्टाइल में सुधार करना शामिल है। इस साल वर्ल्ड हार्ट डे की थीम 'माय हार्ट योर हार्ट’ रखी गई है। WHO के मुताबिक 2020 तक कार्डियोवेस्कुलर बीमारियां मृत्यु और विकलांगता का प्रमुख कारण होंगी। पिछले 20 सालों में हृदय रोगों के मामले 34 फीसदी तक बढ़े हैं। हृदय रोगों में दो समस्याएं सबसे आम हैं हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट। महिलाओं और पुरुषों में इनके मामले लगभग बराबर ही हैं। युवाओं में जो मामले सामने आ रहे हैं उनमें दिल की मांसपेशियों का असामान्य तौर पर बढ़ना है। जिसके कारण हार्ट फेल और अनियमित हार्ट बीट की समस्या आम हो गई है। जानते हैं

    1. ब्लड प्रेशर :120/80 नॉर्मल माना जाता है। इससे ज्यादा है तो हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। अनुवांशिकता, बेतरतीब लाइफस्टाइल और अधीरता इन तीन प्रमुख कारणों से ब्लड प्रेशर बढ़ता है।
    2. कमर :अगर कमर 36 इंच से ज्यादा हो गई है तो, हार्ट डिसीज का रिस्क बढ़ जाता है। यदि कमर 40 इंच हो गई तो जोखिम दोगुना हो जाता है।
    3. बॉडी मास इंडेक्स :30 से ज्यादा बॉडी मास इंडेक्स वाले ओबीज श्रेणी में आते हैं। 18.5 से 24.9 बॉडी मास नॉर्मल और 25 से 29 बॉडी मास वाले ओवरवेट की श्रेणी में आते हैं।
    4. कोलेस्ट्रॉल :220 एमजी कोलेस्ट्रॉल होते ही आप खतरे की जद में आ जाते हैं। 250 एमजी होने पर जोखिम दोगुना हो जाता है।
    5. ब्लड शुगर :सामान्य स्तर 72 से 108 एमजी माना जाता है। 100 से 125 प्रीडाइबिटिक और 126 से ऊपर होने पर अलर्ट होने की जरूरत है। खाना खाने के 2 घंटे के भीतर 140 एमजी शुगर सामान्य बात है।
    • छाती में तेज दर्द या दबाव महसूस होना।
    • मसूड़े में दर्द या सुन्नपन। बाजू के नीचे दर्द ।
    • धड़कन का धीमा हो जाना।
    • घबराहट, अपच, चक्कर आना और कई बार ज्यादा पसीना आना भी शुरुआती लक्षण होता है।
    • बिस्तर पर करवट लेकर लेट जाएं।
    • मुंह में एक डिस्प्रिन की गोली लें और चबाएं।
    • जीभ के नीचे सॉरबिट्रेट (5 एमजी) रख लें।
    • जल्द नजदीकी हॉस्पिटल जाएं।

    करीब 10 प्रतिशत लोग ऐसे भी होते हैं, जिनकी लाइफस्टाइल हेल्दी होती है और उनके दिल की उम्र उनकी असल उम्र से कम होती है।

    डॉ. पंकज मनोरिया,सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट

  1. अगर आप रोजाना 3 से 4 किमी तेज कदमों से चल सकते हैं और ऐसा करते हुए आपकी सांस नहीं उखड़ती या सीने में दर्द नहीं होता तो मान सकते हैं कि आपका दिल सेहतमंद है। अगर दिल के मरीज हैं और दो मंजिल सीढ़ियां चढ़ने या 2 किमी पैदल चलने के बाद सांस नहीं फूलता तो सामान्य लोगों की तरह एक्सरसाइज कर सकते हैं, वरना डॉक्टर से पूछकर एक्सरसाइज करें।

    लाइफस्टाइल में यदि अच्छा खाना, समय पर खाना, सही ढंग से खाना, वॉक और स्माइल को शामिल किया जाए, तो 80 प्रतिशत हार्ट प्रॉब्लम से बच सकते हैं।

    डॉ. सचिन चित्तवार, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट

    • हाई फाइबर और लो फैट वाली डाइट जैसे कि गेहूं, ज्वार, ओट्स, बाजरा आदि का आटे या दलिया लें।
    • फ्लैक्स सीड्स (अलसी के बीज) आधा चम्मच रोजाना लें।
    • एक-दो लहसुन एक कली रोजाना ले सकते हैं।
    • 5-6 बादाम और 1-2 अखरोट रोजाना खाना बेहतर है।
    • जामुन, पपीता, सेब, आड़ू जैसे लो-ग्लाइसिमिक इंडेक्स वाले फल खा सकते हैं।
    • हरी सब्जियां, साग, शलजम, बीन्स, मटर, ओट्स, सनफ्लावर सीड्स आदि डाइट में शामिल करें।
    • ऑलिव ऑयल, कनोला, तिल का तेल और सरसों का तेल, थोड़ी मात्रा में देसी घी भी अच्छा सेहत के लिए।
    • मछली, चिकन भी खा सकते हैं लेकिन यह ज्यादा तला-भुना और मसालेदार न हो
    • न खाएं
    • मक्खन, मलाई, वनस्पति घी आदि सैचुरेडिट फैट वाली चीजें न खाएं।
    • मैदा, सूजी, सफेद चावल, चीनी, आलू यानी सफेद चीजें से पूरी तरह से दूर रहें।
    • पैक्ड चीजें मसलन पैक्ड जूस, बेकरी आइटम्स, सॉस न लें।
    • रोजाना आधे चम्मच से ज्यादा नमक न लें
    • बहुत मीठी चीजें (मिठाई, चॉकलेट) आदि से बचें।
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