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हेल्थ डेस्क.रनिंग और वॉकिंग की तरह क्रॉलिंग में स्पीड और डिस्टेंस मायने नहीं रखता इसमें आपका फोकस मायने रखता है फिर भी पूरे फोकस से क्रॉलिंग के हर मूवमेंट को 30 से 60 सेकंड तक करें। नियमित रूप से 1 घंटा इसे करने से रोजाना 600 से 800 कैलोरी तक बर्न की जा सकती हैं। इससे आपका वजन भी संतुलित रहता है मांस पेशियां भी स्ट्राॅन्ग बनती हैं। चलना सीखने से पहले लगभग हर बच्चा क्रॉलिंग (रेंगता) करता है। इसमें हाथ, कलाई, कोहनी, रीढ़ की हड्‌डी, हिप्स और पैर लगातार मूव होते हैं, जिसकी वजह से इन मांसपेशियों के टिशू स्ट्रॉन्ग होते हैं और शरीर पर जमा एक्सट्रा चर्बी कम होती है। वर्ल्ड ओबेसिटी डे केफिटनेस ट्रेनर अजय से जानते हैं इसे करने का सही तरीका और फायदे…

ब्लड प्रेशर रहता है कंट्रोल

  • इससे पूरे शरीर को फायदा मिलता है। एक शोध के अनुसार क्रॉलिंग ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है
  • इससे बैक पैन में राहत मिलती है और रीढ़ की हड्‌डी को मजबूत बनाने में भी ये मददगार साबित होती है।

ऐसे करें

  • सबसे पहले अपने हाथों और घुटनों के बल जमीन पर बैठ जाएं।
  • अब अपनी कलाइयों को कंधों के और घुटनों को हिप्स के नीचे लाएं।
  • ध्यान रहे इस स्थिति में पीठ एकदम सीधी रहनी चाहिए।
  • अब अपने घुटनों को जमीन पर दो इंच आगे बढ़ाएं।
  • अंत में अपने विपरित हाथ और पैर को दो से तीन इंच आगे बढ़ाते हुए क्रॉल करना शुरू करें।
  • हर स्टेप में कुछ सेकंड रूकें और फिर दूसरे हाथ और पैर से आगे बढ़ें।
  • शुरुआत में आप इस वर्कआउट को 15 मिनट करें। थकने पर बीच-बीच में 1-2 मिनट आराम कर सकते हैं।
  • अभ्यास हो जाने के बाद धीरे-धीरे समय बढ़ाया जा सकता है। अधिकतम 1 घंटे तक इसे करना फायदेमंद है।
  • इसे आप सुबह या शाम को कर सकते हैं बस इसे खाना खाने के तुरंत बाद नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि शरीर के अंदर पाचन क्रिया के लिए भी ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऐसे में आप इसे ठीक से नहीं कर सकेंगे।

क्या हैं फायदे?

  • बॉडी की कोर स्ट्रेंथ बढ़ाने में फायदेमंद।
  • रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) संतुलित रखने और फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ाने में मददगार।
  • मांसपेशियां मजबूत होती हैं और हडि्डयों में ताकत आती है।
  • शरीर स्ट्रेच होता है जिससे, बैलेंस बनाने में मदद मिलती है।
  • वेट लॉस करने में ये बेहद मददगार है।
  • शरीर की बैलेंसिंग पावर बढ़ती है और जॉइंट स्ट्रॉन्ग होते हैं।

ये लोग ना करें

  • फिजिकल ट्रेनर शिवनाथ सिंह बताते हैं कि अगर आपको अर्थराइटिस की प्राॅब्लम है तो डॉक्टर की सलाह के बिना ये एक्सरसाइज ना करें।
  • प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को इसे नहीं करना चाहिए। लेकिन डिलेवरी के कुछ महीनों बाद डॉक्टर की सलाह लेकर वो इसे शुरू कर सकती हैं।
  • बुजुर्ग लोगों को भी इसे बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे ज्वाइंट्स और पीठ पर दवाब पड़ता है। जो समस्या पैदा कर सकता है।

एक्सरसाइज के बाद लें हेल्दी डाइट

  • क्रॉलिंग के बाद खाना खाने कि बजाए कुछ हेल्दी डाइट लेनी चाहिए।
  • दलिया, फ्रूट्स, सलाद, ओट्स या स्प्राउट्स खाना फायदेमंद रहेगा।
  • फ्रूट्स या वेजिटेबल्स जूस पीना भी फायदेमंद रहेगा, इससे आपको तुरंत एनर्जी मिलेगी।

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नियमित रूप से 1 घंटा इसे करने से रोजाना 600 से 800 कैलोरी तक बर्न की जा सकती हैं।

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