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हेल्थ डेस्क. रोजाना योग और प्राणायाम का असर हृदय पर भी पड़ता है। कुछ खास योगासन जैसे अर्ध-मत्स्येंद्रासन, सुप्तवज्रासन, पर्यंकासन और पार्श्व धनुरासन हृदय रोगों से दूर रखते हैं। ये हृदय को मजबूत बनाने के साथ पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं। इसके अलावा फेफड़ों को बेहतर बनाने के अलावा शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते हैं। ये बैकबोन को मजबूत भी बनाते हैं। योग विशेषज्ञ कल्पना कुंभारे से जानिए दिल, फेफडे़, पेट और मेरुदंड को दुरुस्त रखने वाले योगासन को करने का सही तरीका…

  1. दोनों पैरों को सामने की तरफ फैलाकर बैठें। बाएं पैर को मोड़ते हुए दाईं जांघ के पास रखें। अब दाहिना पैर मोड़कर बाएं घुटने के ऊपर रखें। साथ में बाएं हाथ को दाहिने पैर के घुटने को थोड़ा धक्का देते हुए अंगूठे को पकड़ें। दाहिने तरफ जितना मुड़ सकते हैं उतना मुड़ें। यही क्रम दूसरी तरफ दोहराएं।

  2. आसन पर वज्रासन में बैठ जाएं। बैठते समय ध्यान रहे कि घुटने और पैरों की अंगुलियां आपस में जुड़ी रहें। धीरे-धीरे हाथों को पीछे ले जाएं और जमीन पर शरीर का संतुलन बनाते हुए हाथों को टिकाएं। अब गर्दन ऊपर उठाएं और गहरी सांस लें।

  3. पीठ के बल इस तरह सीधे लेट जाएं जिससे पैर सीधे तने रहें। अब गहरी सांस लें। सांस छोड़ते हुए पीछे की ओर झुकें। इस आसन में शरीर का ऊपरी भाग यानी सिर और कंधे ही जमीन से स्पर्श कराएं। अब हाथों को कमर के बगलमें सीधे रखें। इस स्थिति में 1-2 मिनट रुकें।

  4. आसन पर लेटकर करवट लें। दोनों पैरों को पीछे की तरफ मोड़ें। अब हाथों से दोनों पैरों के पंजों को पकड़ लें और सांस छोड़ दें। गहरी सांस लेते हुए अंतकुंभक (सांस अंदर लेकर रोकना) लगाएं। दूसरी तरफ से आसन को दोहराएं। इसे 5 से 6 बार करें।

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